January 17, 2018

What is Secure Sockets Layer (SSL) In Hindi? Definition & How SSL Works

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SSL का पूरा नाम Secure Sockets Layer हैं और इसका उपयोग Web Server और Client के बीच Secured Connection Create करने के लिए होता हैं। SSL को Netscape ने सन 1990 ईस्वी में विकसित किया था।

SSL यह सुनिश्चित करता है कि किसी Web-Server और browser के बीच संचारित कोई भी Data Encrypted रहे, जिससे भेजी गई कोई भी Information को Tampering और किसी Data forgery से बचाया जा सके।

What is SSL in Hindi.?

Secure Sockets Layer, एक प्रकार का Standard Protocol है। SSL का उपयोग किसी Network पर भेजे गए Documents के सुरक्षित प्रसारण(Transmission) के लिए किया जाता है। SSL किसी Nodes के बीच Communicate करने के लिए Transport Control Protocol (TCP) का उपयोग करता है।

SSL में, Socket शब्द एक Network पर Client और Server के बीच Data transfer करने के Process से है।

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SSL Protocol In Hindi:

किसी भी तरह के Online Transaction के समय Web server को SSL Certificate की आवश्कता पड़ती है, यह एक Secure SSL Connection के लिए जरुरी होता हैं।

SSL Transport Layer के उपर Network से Connect होने वाले या भेजे जाने वाले Data Segments को Encrypt करता है, जो Program layer में काम करने वाला एक Network Component है।

SSL में, Asymmetric Cryptographic method का use होता है, जिसमें कोई भी एक web browser एक public key और private key बनाता है।

SSL की बात की जाए तो ये Transport Layer Security का earlier version है, जो सुरक्षित Internet Data Transmission के लिए एक तरह का Cryptographic Protocol है।

Objectives of SSL in Hindi:

किसी भी Network में एक SSL का use करने का मुख्य Objectives निम्न हैं:-
  • Data Privacy: किसी भी Data की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए। इसके लिए SSL Record Protocol, SSL Handshake Protocol और SSL Alert Protocol जैसे विभिन्न तरीक़े को उपयोग में लाता हैं।
  • Data Integrity: किसी भी प्रकार के Tampering मतलब छेड़छाड़ से बचाता हैं।
  • Client-server authentication: SSL Protocol इसके जरिए किसी Client और Server को प्रमाणित करने के लिए Standard Cryptographic Techniques का उपयोग कर Authenticate करता है। 

SSL / TLS Certificate क्या है?


SSL/TLS Certificate एक प्रकार की Data File होती हैं, जिसमें किसी Organization के सारी जानकारी को एक विशेष रूप से उपयोग की गयी Cryptographic key में समाहित / बांध कर रखी गई होती हैं।

जब किसी Web Server पर SSL/TLS Certificate को Install किया जाता हैं, तब ये Web server और उससे जुड़ने वाले Browser के बीच एक सुरक्षित सम्बन्ध (Secured Connection) को Enable करता है।

SSL Certificate के उपयोग पर किसी Website का URL "http://" के बजाय "https://" के साथ जुड़ा हुआ आता है और आपके Browser के Address Bar पर Web-Address के बाईं ओर, एक Padlock (🔒) दिखाई देता है।

यदि कोई Website एक प्रमाणित SSL / Transport Layer Security (TLS) Certificate का उपयोग करती है, तो आपके Browser (मुख्यः रूप से Internet Explorer, Mozilla FireFox और Google Chrome) पर Web-address एक हरे रंग के Padlock (🔒) के साथ दिखाई देता है।


⏩ Web Browser के बारे में जाने। 

What is SSL used for? हिंदी में:

SSL Protocol का उपयोग विश्व भर में Online Business करने वाली Organization या फिर किसी भी तरह की कोई सेवा देने वाली Website द्वारा किया जाता है। E-Commerce वाली Website ऐसा अपने Customer की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए और Online Transaction को Confidential और Secured रखने के लिए किया जाता हैं। कोई भी ऐसी Website जो किसी भी रूप में अपने web page पर आने वाले Visitors / Customer की व्यक्तिगत जानकारी, Password, उनके Bank details या Credit Card की जानकारी लेती/ माँगती हो SSL Encryption का उपयोग ज़रूर करना चाहिए।

SSL Protocol कैसे काम करता हैं?

SSL Protocol दो तरह की Key का Use करती है। इनमें एक Public Key और दूसरी Private Key होती है ये दोनों Key एक साथ मिलकर एक Secured Connection बनाती है जिससे Data सुरक्षित Share होता रहता है। Public Key का इस्तेमाल Information Encrypt करने के लिए और Private Key का इस्तेमाल Information को Decrypt करने के लिए किया जाता है।

How Does SSL Work.? हिंदी में:

मान ले किसी User को किसी Topic के बारे में जानकारी चाहिए तो वह उस Content को अपने Browser में Search करता है। तब Browser उस Website के Sever से जुड़ता है, जहाँ उस Content से जुड़ी जानकारी हो। उसके बाद नीचे दिए Process होते हैं:-
  1. Browser DNS Server से उस Website का IP address प्राप्त करता है उसके बाद उस Website से एक Secure Connection के लिए Request करता है।
  2. इस Secure Connection को शुरू करने के लिए, आपका Browser उस Server से उसकी पहचान करने के लिए Server को SSL Certificate की एक Copy की माँग करता हैं।
  3. आपका Browser Server में मौजूद Data और SSL Certificate की जाँच करता है।
  4. जब Browser Confirm करता है कि Website पर भरोसा किया जा सकता है। तब Web-browser एक Symmetric Session key बनाता है, जिसे वह Website के SSL Certificate में Public key के साथ Encrypt करता है और Session key को Web-Server पर भेज देता है।
  5. उसके बाद Web-Server Symmetric Session key को decrypt करने के लिए अपने Private key का उपयोग करता है।
  6. इसके बाद Server एक Acknowledgement (पावती) भेजता है, जिसे वह Session key के साथ Encrypted किए रहता है।
  7. उपरोक्त सभी प्रकिया पूरी होने के बाद Server और Browser के बीच Transmit (प्रसारित) होने वाली सभी Data(सूचनाएँ) Encrypted और Secure होती हैं।

Different Types of SSL Certificate:

कुछ महत्वपूर्ण SSL Certificate के प्रकार निम्न हैं:-
  • Single domain SSL Certificate
  • Wildcard SSL Certificate
  • Multi-domain SSL Certificate
  • Extended Validation SSL Certificate
आप हमे जरूर बताये आपको SSL के बारे में दी गयी जानकारी कैसी लगी, कोई सुझाव हो तो जरूर कमेंट करें। SSL क्या होता है.? "Secure Sockets Layer in Hindi" इसे आप अपने Friends के साथ जरूर शेयर करें। 

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